चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव के विरोध में पेंशनरों ने किया दशहरा/दीपावली बहिष्कार
🔴 🟡 जी0 के0 खरे 🟡 🔴
🔴 एसोसिएशन के आह्वान पर पेंशनरों ने अपने-अपने घरों में रहकर काली पट्टी बांधकर मूक प्रदर्शन किया।
🟡 पेंशनरों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया, शासन से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग।
कानपुर। चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए ऑफलाइन व्यवस्था समाप्त कर पेंशनरों के लिए जटिल ऑनलाइन प्रक्रिया लागू किए जाने के विरोध में सेवा निवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन कानपुर नगर के सदस्यों ने दशहरे का बहिष्कार कर विरोध जताया। एसोसिएशन के आह्वान पर पेंशनरों ने अपने-अपने घरों में रहकर काली पट्टी बांधकर मूक प्रदर्शन किया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष बी.एल. गुलाबिया ने कहा कि एक अक्टूबर को जारी शासनादेश के माध्यम से पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है, जबकि विधायक और सांसदों के लिए ऑफलाइन व्यवस्था भी जारी रहने की बात सामने आ रही है। उन्होंने इसे पेंशनरों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया बताते हुए शासन से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पेंशनरों की चिकित्सा संबंधी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। महंगाई भत्ते की किस्त की घोषणा न होने और चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान में आ रही कठिनाइयों से पेंशनरों में असंतोष है। उन्होंने सरकार से कहा कि पेंशनरों को असहाय समझकर उनकी समस्याओं की अनदेखी न की जाए। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।
एसोसिएशन के अनुसार, कानपुर शहर में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने दशहरा बहिष्कार कार्यक्रम में भाग लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रमुख रूप से बी.एल. गुलाबिया, अशोक कुमार मिश्रा, चन्द्र हांस सिंह चौहान एडवोकेट, आर.पी. श्रीवास्तव एडवोकेट, रविन्द्र कुमार मधुर, सरदार इन्द्रजीत सिंह गिल, वी.एन. पाल, रमाकांत वर्मा, बेचे लाल कुशवाहा, मेवालाल कनौजिया, आंशिक हुसैन मंसूरी, सुशील कुमार श्रीवास्तव, सी.के. सक्सेना, शाहनाज खान, मंजू भारतीय, स्नेहलता लाल और विमला मिश्रा, रामरानी कटियार आदि शामिल रहे।


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