नाबालिगों के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
🔴 🟡 अजय कुमार गुप्ता 🟡 🔴
🔴 नाबालिगों के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का साई ज्योति ने किया स्वागत।
हमीरपुर। जनपद में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर अभियान चला रहे साई ज्योति संस्थान ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का स्वागत किया है, जिसमें केंद्र सरकार से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए ऐसे वैधानिक नियम बनाने की संभावना पर विचार करने को कहा गया है, जिनके तहत प्लेटफॉर्मों के लिए नाबालिगों से संबंधित भारतीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य हो।
साई ज्योति संस्थान के सचिव अजय श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिक समाज संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर नाबालिगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय लागू करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह कदम बच्चों के अधिकारों और उनकी ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि साई ज्योति संस्थान, जेआरसी का सहयोगी संगठन है।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जेआरसी अपने सहयोगी संगठनों के साथ देशभर में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए अभियान चला रहा है।
साई ज्योति के जिला समन्वयक कैलाश नारायण गौतम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को भारतीय कानूनों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दुनिया में बच्चों के सामने यौन शोषण, ट्रैफिकिंग, सेक्सटॉर्शन, निजी डेटा के दुरुपयोग और साइबर बुलिंग जैसे अनेक जोखिम मौजूद हैं।
संस्था के पंकज तिवारी ने बताया कि याचिका पर सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने की। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि पीठ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के साथ स्वतंत्र रूप से अनुबंध करने के लिए 18 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा के पालन पर जोर दिया।
न्यायमूर्ति बागची ने केंद्र सरकार से इस व्यवस्था को इंटरमीडियरी नियमों के ढांचे में शामिल करने पर विचार करने को कहा। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार इस मुद्दे की जांच करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी।

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