बदहाली के दौर से गुजर रहा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय

               🔴       🟡   एड0 आर0 के0 पाण्डेय   🟡       🔴               

🟡 अधूरी बाउंड्री और अतिक्रमण से अस्पताल की पहचान प्रभावित, मूलभूत सुविधाओं का अभाव।

🔴 रखरखाव की समुचित व्यवस्था न होने से पुराने भवन और आवास जर्जर होते चले गए।

विक्रमजोत। अयोध्या विकास क्षेत्र के अंतर्गत ऐतिहासिक कस्बा विक्रमजोत स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कभी क्षेत्र के सैकड़ों लोगों के लिए उपचार का प्रमुख केंद्र रहे इस चिकित्सालय में वर्तमान में चिकित्सा सुविधाएं सीमित हो गई हैं।


बताया जाता है कि तीन शैय्या युक्त इस चिकित्सालय में पूर्व में चिकित्सक, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय सहित अन्य कर्मचारियों की तैनाती रहती थी। चिकित्सालय परिसर में कर्मचारियों के लिए आवास भी बनाए गए थे। समय के साथ कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने तथा भवनों के रखरखाव की समुचित व्यवस्था न होने से पुराने भवन और आवास जर्जर होते चले गए।


बाद में चिकित्सालय के लिए नए भवन का निर्माण कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में चिकित्सालय का संचालन सीमित स्टाफ और निर्धारित दिनों में आने वाले चिकित्सकीय कर्मियों के सहारे हो रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।


अस्पताल परिसर में गंदगी और अतिक्रमण की शिकायत

स्थानीय लोगों के अनुसार चिकित्सालय परिसर में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। परिसर की बाउंड्री अधूरी होने तथा मुख्य गेट न होने के कारण सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल के सामने सब्जी विक्रेताओं द्वारा दुकानें लगाए जाने से आवागमन प्रभावित होने तथा चिकित्सालय की पहचान पर असर पड़ने की बात कही जा रही है।


क्षेत्रीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से चिकित्सालय की नियमित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने, परिसर की सफाई, अधूरी बाउंड्री एवं गेट का निर्माण कराने तथा कथित अतिक्रमण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

       

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