तीजा महोत्सव में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
🔴 🟡 अजय कुमार गुप्ता 🟡 🔴
सुमेरपुर (हमीरपुर)। कस्बे का 176 वर्ष पुराना ऐतिहासिक तीजा महोत्सव आज भी हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल प्रस्तुत कर रहा है। शोभायात्रा के आयोजन से लेकर उसके समापन तक मुस्लिम समुदाय के लोग हर वर्ष बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं।
शोभायात्रा की पहली झांकी का मुस्लिम समुदाय द्वारा आरती उतारकर एवं पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाता है। यह परंपरा वर्षों से दोनों समुदायों के बीच आपसी विश्वास और भाईचारे का प्रतीक बनी हुई है।
श्रीकृष्ण लीला कमेटी के सचिव नवल किशोर दाऊ ने बताया कि वर्ष 1850 में बाबू गुप्ता ओमर द्वारा एक झांकी के साथ तीजा महोत्सव की शुरुआत की गई थी। तभी से मुस्लिम समुदाय इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाता आ रहा है। उन्होंने बताया कि खलील शाह, इस्लाम खान, राजू खान, कल्लू खान और बंटा खान सहित कई परिवार हर वर्ष शोभायात्रा के संचालन, व्यवस्था और चंदा संग्रह में सहयोग करते हैं।
महोत्सव के दौरान विभिन्न स्थानों पर मुस्लिम समुदाय के लोग भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारकर पुष्पवर्षा करते हैं। स्वतंत्रता पूर्व से लेकर आज तक इस शोभायात्रा के दौरान कभी किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ। तीजा महोत्सव दोनों समुदायों के बीच आपसी प्रेम, विश्वास और सौहार्द का प्रतीक बन चुका है।

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