कानपुर : आउटसोर्सिंग महिला कर्मियों की बर्खास्तगी पर मानवाधिकार संस्थान ने उठाए सवाल

                      🔴       🟡    जी0 के0 खरे    🟡       🔴                     

कानपुर। महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत नवाबगंज स्थित महिला सदन से दो बालिकाओं के दीवार फांदकर भागने की घटना के बाद दो आउटसोर्सिंग महिला कर्मचारियों को सेवा से हटाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। केन्द्रीय मानवाधिकार संस्थान, कानपुर मंडल ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे अन्यायपूर्ण बताया है।


संस्थान के मंडल प्रभारी वी.एन. पाल एवं समन्वयक बी.एल. गुलाबिया ने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होमगार्ड की थी, लेकिन कार्रवाई केवल दो महिला कर्मचारियों पर की गई। उनका दावा है कि दोनों कर्मचारियों को बिना गंभीर आरोप के सेवा से हटाया गया, जबकि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बिना ठोस कारण सेवा से न हटाया जाए।

संस्थान ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों महिलाएं दलित समुदाय से हैं और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया। पीड़ित महिला ने विधायक सुरेंद्र कुमार मैथानी से मिलकर पुनः सेवा में बहाली की मांग की। संस्थान ने जिलाधिकारी से बर्खास्तगी आदेश निरस्त कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है तथा चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने पर मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा।

(नोट: यह समाचार संबंधित पक्ष के आरोपों पर आधारित है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी विशेषता से प्रकाशित किया जायेगा ।)

      

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