भगत सिंह की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि
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लखनऊ। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती के अवसर पर जश्न-ए-आजादी फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने शहीद स्मारक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया गया।
फाउंडेशन के पदाधिकारियों मुर्तजा अली, अब्दुल वहीद, वामिक खान, तंजीम और अमान सहित अन्य सदस्यों ने भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'शहीदों अमर रहो' के नारे भी लगाए गए।
वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह का जीवन साहस, त्याग और विचारों के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर शिक्षा, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
फाउंडेशन के पदाधिकारी मुर्तजा अली ने कहा कि भगत सिंह का जीवन देश के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण की प्रेरणा देता है। अब्दुल वहीद ने कहा कि भगत सिंह क्रांतिकारी होने के साथ-साथ गंभीर चिंतक और लेखक भी थे। वामिक खान ने उनके व्यक्तित्व को साहस, ज्ञान और त्याग का संगम बताते हुए युवाओं से उनके विचारों को जीवन में अपनाने की अपील की।
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को तत्कालीन पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा गांव में हुआ था, जो वर्तमान में पाकिस्तान में है। 23 मार्च 1931 को राजगुरु और सुखदेव के साथ उन्हें फांसी दी गई थी। 2026 में उनकी 119वीं जयंती मनाई जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी और देश की एकता, सामाजिक सौहार्द तथा राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।


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