कानपुर के चुन्नीगंज क्षेत्र के एक नामी गिरामी निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप, परिजनों ने उठाए कई सवाल
इलाज या लापरवाही ? महिला की मौत के बाद भी चलता रहा इलाज ! मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर व अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप।
कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज की मृत्यु के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि महिला को पेट दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच के बाद हर्निया का ऑपरेशन किया गया।
मृतका के बेटे फैसल के अनुसार, ऑपरेशन के बाद चिकित्सक ने उनकी मां की हालत सामान्य बताते हुए अगले दिन छुट्टी देने की बात कही थी। हालांकि, उसी शाम उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि और पैसे की मांग की गई तथा इसके बाद दूसरा ऑपरेशन किया गया और मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया। उनका कहना है कि लगातार दवाएं मंगाई जाती रहीं, जबकि उन्हें आशंका थी कि उनकी मां की मृत्यु हो चुकी है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल की ओर से मरीज की वास्तविक स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उनका यह भी कहना है कि प्रारंभिक जांच में सभी रिपोर्ट सामान्य बताई गई थीं, फिर अचानक हृदय और गुर्दे में गंभीर समस्या कैसे उत्पन्न हुई, इसका संतोषजनक उत्तर उन्हें नहीं मिला।
इस मामले में परिजनों ने कई सवाल उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
यदि मरीज की मृत्यु हो चुकी थी, तो इलाज और दवाएं क्यों जारी रहीं?
जब प्रारंभिक जांच सामान्य थीं, तो अचानक हृदय और गुर्दे की गंभीर समस्या कैसे उत्पन्न हुई?
यदि मरीज की स्थिति ऑपरेशन के बाद सामान्य थी और छुट्टी की तैयारी थी, तो अचानक दूसरा ऑपरेशन क्यों करना पड़ा?
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल स्टाफ का व्यवहार भी उचित नहीं था।
दूसरे ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में सुधार होने के बजाय मृत्यु कैसे हो गई?
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल और संबंधित चिकित्सक की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि परिजन शिकायत दर्ज कराते हैं, तो स्वास्थ्य विभाग या संबंधित जांच एजेंसियों की जांच के बाद ही यह तय होगा कि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।
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