योग आधारित वेलनेस टूरिज्म महत्वपूर्ण सामाजिक घटना बनकर उभरा : पीएचडी शोध
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लखनऊ। योग आधारित वेलनेस टूरिज्म अब केवल स्वास्थ्य और पर्यटन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक घटना के रूप में उभर रहा है। यह निष्कर्ष बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) से शोधार्थी खुशबू के पीएचडी शोध में सामने आया है। शनिवार को आयोजित विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
शोध में बताया गया है कि वैश्वीकरण ने भारत की पारंपरिक योग पद्धतियों को वैश्विक वेलनेस उत्पाद और पर्यटन अनुभव में परिवर्तित कर दिया है। अध्ययन के अनुसार वैश्विक आवागमन, उपभोक्ता संस्कृति, स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता, बदलती जीवनशैली तथा डिजिटल माध्यमों ने योग आधारित वेलनेस टूरिज्म को तेजी से विस्तार दिया है। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, जीवन में उद्देश्य की तलाश और तनावमुक्त जीवन की इच्छा भी इसकी लोकप्रियता के प्रमुख कारण हैं।
खुशबू ने अपने शोध के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर वेलनेस टूरिज्म से जुड़े लोगों के अनुभवों, कार्यप्रणाली तथा स्थानीय समुदायों पर इसके प्रभाव का विस्तृत अध्ययन किया। शोध के अनुसार योग आधारित वेलनेस टूरिज्म केवल पर्यटन गतिविधि नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली, उपभोक्ता व्यवहार और सामाजिक परिवर्तनों से जुड़ी एक जटिल सामाजिक प्रक्रिया है।
खुशबू ने बीबीएयू से समाजशास्त्र में एमफिल करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त किया था। उन्होंने समाजशास्त्र एवं टूरिज्म मैनेजमेंट में परास्नातक तथा समाजशास्त्र में यूजीसी-नेट भी उत्तीर्ण किया है। वर्तमान में वह एसआरएम यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
पीएचडी उपाधि प्राप्त होने पर उन्होंने अपने शोध निर्देशक, विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपनी उपलब्धि अपने माता-पिता को समर्पित की।


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