पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने का सशक्त माध्यम : भारत सिंह
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🔴 नैतिकता के साथ सोशल मीडिया को सकारात्मक मंच बनाना समय की आवश्यकता।
लखनऊ। नारद जयंती एवं हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में "पत्रकारिता एवं सोशल मीडिया" विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। महापुरुष स्मृति समिति एवं मीडिया को-ऑप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम पार्क रोड, हजरतगंज स्थित सेंटर कोर्ट बिल्डिंग परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि नारद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक भारत सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में पत्रकारिता केवल समाचारों के प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पत्रकारिता के मूल्यों और दायित्वों पर गंभीर विमर्श की आवश्यकता है।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया सूचना के त्वरित प्रसार का प्रभावी माध्यम है, लेकिन इसके साथ भ्रामक और गलत सूचनाओं की पहचान की चुनौती भी बढ़ी है। उन्होंने पत्रकारिता में नैतिकता, विश्वसनीयता और जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखने पर बल दिया।
वरिष्ठ पत्रकार पद्माकर पांडेय ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा गौरवशाली रही है। नई पीढ़ी को इस समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हुए सोशल मीडिया को सकारात्मक और जनहितकारी मंच के रूप में विकसित करना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार आशीष मौर्य ने कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में हिन्दी पत्रकारिता की भाषा, शैली और शब्द-संस्कृति की गंभीर समीक्षा आवश्यक है, ताकि पत्रकारिता की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनी रहे।
गोष्ठी में वक्ताओं ने पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, फेक न्यूज की चुनौती तथा जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पर विस्तार से अपने विचार रखे।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विनय तिवारी, बृजनंदन राजू, डॉ. सतेंद्र त्रिपाठी, संतोष कुमार सिंह, शम्भू शरण वर्मा, भास्कर सिंह, एडवोकेट अनुरक्त सिंह, अमर बहादुर, अभिषेक सिंह, अजय शर्मा, जितेंद्र कुमार वर्मा सहित मीडिया जगत के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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