अन्यायमुक्त, अपराधमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त विश्व के संस्थापक थे भगवान श्री परशुराम — आर.के. पाण्डेय
🔴 🟡 एड0 आर0 के0 पाण्डेय 🟡 🔴
अयोध्या। अक्षय तृतीया एवं भगवान भगवान श्री परशुराम जयंती के पावन अवसर पर परमशक्ति धाम, अयोध्या विकास क्षेत्र स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं अधिवक्ता आर.के. पाण्डेय ने भगवान परशुराम के विचारों को आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया।
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक धार्मिक व्यक्तित्व ही नहीं, बल्कि अन्याय, अपराध और भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक थे। उन्होंने उन्हें “अन्यायमुक्त, अपराधमुक्त और भ्रष्टाचारमुक्त विश्व का संस्थापक” बताते हुए कहा कि उनके विचार आज के समाज के लिए मार्गदर्शक हैं।
आर.के. पाण्डेय ने बताया कि भगवान परशुराम ने संतों और ब्राह्मणों को केवल आध्यात्मिक कार्यों तक सीमित न रहकर, समाज के कल्याण हेतु शास्त्र के साथ शस्त्र धारण करने और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इसी विचारधारा के तहत भगवान परशुराम ने अत्याचारी हैहयवंशी सहस्त्रबाहु और उसके वंश का विनाश कर धर्म और न्याय की स्थापना की।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने और समाज में न्याय एवं सत्य की स्थापना के लिए संकल्प लिया।


Comments
Post a Comment