शांति, प्रेम, भाईचारा और एकता के संदेश के साथ निकला जुलूस-ए-गरीब नवाज़।

                                          आसिफ कुरैशी                                      

कानपुर, 27 दिसम्बर।

खानकाहे हुसैनी में आयोजित मरकज़ी 60वें कुल शरीफ के उपरांत, परम्परागत जुलूस-ए-गरीब नवाज़ को कानपुर शहर में शांति, सद्भाव और भाईचारे के संदेश के साथ धूमधाम से निकाला गया। “हिंदुस्तान ज़िंदाबाद”, “नफरत हटाओ मोहब्बत बढ़ाओ” जैसे नारों से शहर की फिज़ा गूंज उठी।

काज़ी-ए-शहर मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही ने सफेद कबूतर उड़ाकर अमन का पैगाम दिया और हरी झंडी दिखाकर जुलूस को रवाना किया। ख़ादिम खानकाहे हुसैनी इखलाक अहमद डेविड चिश्ती ने जुलूस का नेतृत्व किया।


जुलूस में सबसे आगे राष्ट्रीय ध्वज और परचम-ए-गरीब नवाज़ लिए दीवाने चल रहे थे। हिंदू-मुस्लिम- सिख-ईसाई आपस में भाई-भाई जैसे नारों के साथ जुलूस खानकाहे हुसैनी से कर्नलगंज, यतीमखाना, दादामियां चौराहा, बाँसमंडी, इफ्तिखाराबाद समेत परम्परागत मार्गों से गुजरते हुए जीआईसी मैदान पहुँचा। रास्ते भर तंजीमों द्वारा flower shower (फूल वर्षा) व लंगर-चाय वितरण कर स्वागत किया गया। सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर शामिल हुए।

इस्लामिक परचमों व नात-मनकबत पढ़ते हुए हजारों लोग जुलूस में शिरकत करते रहे। जीआईसी मैदान पहुँचकर मगरिब की नमाज़ अदा की गई और मुल्क-ओ-कौम की तरक्की व अमन-चैन के लिए दुआ की गई। दुआ करवाने वाले क़ाज़ी-ए-शहर डॉ. मुफ्ती यूनूस रज़ा उवैशी ने नशा-मुक्त समाज, सभी धर्मों के सम्मान, बच्चों को दीनी-दुनियावी तालीम और माता-पिता की खिदमत की दुआ करवायी। हजारों हाथ उठे और आमीन आमीन की गूंज फैल गई।


जुलूस में आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेयी, सीसामऊ विधायिका नसीम सोलंकी और पूर्व विधायक हाजी इरफान सोलंकी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इखलाक अहमद डेविड, नायब शहर क़ाज़ी सगीर आलम हबीबी, अफ़ज़ाल अहमद, हाफ़िज़ कफील हुसैन, पार्षद इशरत अली, हाजी मोहम्मद शाबान, जमालुद्दीन फारुकी, फ़ज़ल महमूद, इस्लाम खान आज़ाद, हाफ़िज़ हसीब, डॉ. निसार अहमद सहित कई जिम्मेदार लोग व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।

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