गुरु तेग बहादुर की प्रेरणा से पेंशनर्स ने लिया अधिकारों की रक्षा का संकल्प

                                           जी0 के0 खरे                                        

कानपुर नगर। सिखों के नौवें गुरु, साहस और बलिदान के प्रतीक श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर सेवा निवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, कानपुर नगर द्वारा एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राजीव वाटिका, मोतीझील के मुख्य द्वार पर एसोसिएशन अध्यक्ष बी. एल. गुलाबिया की अध्यक्षता में प्रारंभ हुआ।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शौर्य और बलिदान का स्मरण किया। बताया गया कि कैसे कश्मीरी पंडितों के अत्याचारों से रक्षा हेतु गुरु महाराज ने मुगल शासक औरंगजेब की दमनकारी नीतियों का दृढ़तापूर्वक विरोध किया और धर्म एवं मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए।


पंथ दादरी मंच के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी सरदार रूमित सिंह सागरी ने उपस्थित पेंशनर्स को गुरु महाराज की प्रेरणा से अपने अधिकारों की रक्षा हेतु सजग और संघर्षशील रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर 29 नवंबर को आयोजित होने वाले कैंडिल मार्च में सभी पेंशनर्स मजबूत एकता के साथ शामिल हों और अधिकार प्राप्ति तक अडिग रहें।

एसोसिएशन अध्यक्ष बी. एल. गुलाबिया ने गुरु तेग बहादुर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर निरंतर संघर्ष के लिए तत्पर रहने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से

सुनील सुमन, आर. पी. श्रीवास्तव (एडवोकेट), चन्द्र हास सिंह चौहान (एडवोकेट), बेनी सिंह सचान, रविन्द्र कुमार मधुर, ताराचंद, दुर्गा प्रसाद अनुरागी, मोहम्मद असलम, प्रेमनारायण वर्मा, राजेश खन्ना, सरदार इन्द्रजीत सिंह गिल, श्रीमती मंजू भारती, स्नेहलता लाल सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।



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