अलरा गौरा गांव में लगा डेढ़ सौ साल पुराना ऐतिहासिक नाग पंचमी का मेला
अजय कुमार गुप्ता
हमीरपुर : नाग पंचमी का पर्व ग्रामीण क्षेत्र में भक्तिभाव से मनाया गया लोगों ने अपने घरों और शिवालयों में जाकर नाग देवता की पूजा अर्चना भी की गयी तथा लोगों ने दान-पुण्य भी किया। ग्रामीण क्षेत्रों में मेले का आयोजन किया गया।
श्रावण मास की पंचमी को नाग पंचमी मनाई जाती है। जिसको लेकर महिलाओं ने सुबह घर में दीवारो के दरवाजों पर गोवर से सांप की आकृति बनाकर दूध से इनकी पूजा अर्चना की। साथ ही परिवार की कुशलता की मंगल कामना की।मंगलवार को बच्चे, महिलाएं व पुरुष हाथों में पूजा का थाल लेकर शिव मंदिरों की पूजा करते नजर आये।
मुस्करा विकास खंड क्षेत्र के गांव अलरा गौरा में नाग देवता मंदिर का इतिहास लगभग तीन सौ साल पुराना है इस मंदिर में रखी नाग देवता की प्रतिमा जर्जर हो जाने के कारण ग्रामीणों ने सामूहिक रुप से चंदा जोड़कर नाग देवता की नई प्रतिमा मंगवा कर बीते पांच साल पूर्व उसकीप्राण-प्रतिष्ठा कराई थी गांव के जगजीवन यादव,पुष्पेंद्र दिवेदी ने बताया कि नागपंचमी के दिन इस मंदिर में नाग देवता की पूजा करने दूर दराज से लोग आते हैं और नाग देवता की मंदिर की पूजा करने से कालसर्प दोष समाप्त हो जाता है वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार नागपंचमी के दिन मेले का आयोजन भी किया जिसमें आज दिन मंगलवार से शुरू हो गया है जो 2 दिनों तक चलेगा।जिसमे तीतर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।वही मेले में लोगो ने जमकर कुल्हाड़ी व लाठी की खरीदारी।दूसरी ओर दूर दराज आयी से महिलाओं व पुरुषों ने मंदिर में पान बतासा चढ़ाकर भजन कीर्तन भी किये। मेले में भी लोगो ने जम कर खरीद दारी भी की जो देर रात तक चलता रहा।
1-गांव अलरा गौरा में नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित मेले में लाठी की खरीद दारी करते लोग।
2-अलरा गौरा गांव के मेले तीतर लड़ाते ग्रामीण
3-गांव खड़ेही लोधन में अपने घर नाग देवता बनाकर पूजा करती रेनू तिवारी


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