जतीद्रनाथ मुखर्जी उर्फ बाघा जतीन मां भारती के एक युवा लौह वीर थे, डॉ.भवानीदीन

                 ब्यूरो हमीरपुर अजय कुमार गुप्ता                  

हमीरपुर : संस्था के तत्वावधान मे विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है कूतहत आजादी के संघर्ष के एक साहसी सूर जतीन्द्रनाथ मुखर्जी उर्फ बाघा जतीन की जयन्ती 07 दिसम्बर पर संस्था प्रमुख डा भवानीदीन ने श्रद्धान्जलि अर्पित की,उन्होंने कहा कि बाघा जतीन वास्तव मे मा भारती के एक युवा लौह वीर थे,जतीन के आजादी के प्रति सहभाग हको विस्मृत नहीं किया जा सकता है,जतीन शिक्षा प्राप्त करने के बाद पुरी तरह क्रातिकारी हो गये,27 वर्ष की आयु मे बाघ को मारने के बाद बाघा जतीन के नाम से जाने गये, जतीन के नेतृत्व मे कई राजनैतिक डकैतियां डाली गयी,ये अरविंद घोष और बारीन्द्र घोष से जुडे होने के साथ सार अनुशीलन समिति और युगांतर दल से जुडे थे ,इन्होंने एक बम कारखाना भी स्थापित कराया था,पुलिस इनके पीछे पडीं थी,ये 1910 मे पकडे गये थे,पुलिस के साथ मुकाबले मे ये बुरी तरह घायल हो गये थे, इनका 10 सितम्बर 1915 को 35 वर्ष की आयु मे निधन हो गया था। कार्यक्रम मे अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर,पंकज सिंह, रिचा, भोलू,महावीर, संतोष, विकास आशुतोष,मनबोधन, दस्सी और अजय आदि शामिल रहे।

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