उत्तर प्रदेश के 11 लाख से अधिक दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा स्रोत बने मुकेश मिश्रा

                                 जी0 के0 खरे                                

 लखनऊ! आज विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार व  दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आज लखनऊ कल्याणपुर के निवासी मुकेश मिश्रा को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आज लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पिछड़ा वर्ग व दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप द्वारा मुकेश मिश्रा को अंग वस्त्र मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

 पेशे से पत्रकार व दिव्यांग प्रकोष्ठ अवध क्षेत्र भाजपा के संयोजक मुकेश मिश्रा ने बताया कि आज उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मान पाकर बहुत ही गर्व की अनुभूति हो रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  उनके कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि आज हमारे समाज में ऐसे सशक्त दिव्यांगजनों की बहुत ही आवश्यकता है जो समाज के लिए प्रेरणा स्रोत का कार्य करते हैं। जन्म से मुकेश मिश्रा स्वस्थ थे और 16 साल की उम्र तक उन्होंने अपने पिता पुलिस से रिटायर्ड स्पेक्टर  राकेश मिश्रा के पद चिन्हो पर चलते हुए एक अच्छे फुटबॉल प्लेयर बने और एक मेधावी छात्र थे। दुर्भाग्य से 16 साल की उम्र में पैरालाइज्ड हो गए। 2 साल बिस्तर पर रहे और डॉक्टर ने बोला कि जिंदगी में कभी चल नहीं पाएंगे। लेकिन मुकेश मिश्रा की दृढ़ इच्छा शक्ति ने उन्हें चलने लायक बनाया इसके बाद उन्होंने परास्नातक  मांस कम्युनिकेशन से करके पत्रकारिता जैसे कठिन मार्ग को चुना। विभिन्न अखबारों में काम करने के बाद 2018 में आधुनिक दौर पत्रिका के उप संपादक बने। उनकी इच्छा शक्ति यहीं पर खत्म नहीं हुई इसके बाद उन्होंने विभिन्न सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जब कोविड आया तो स्वयं दो बार कोविड के शिकार होने के बावजूद 20 से ज्यादा वैक्सीनेशन कैंप लगवाएं  और जानवरों समेत लोगों की सेवा की। इसके बाद उन्होंने मास्टरशेफ ऑफ लखनऊ समेत कई बड़े इवेंट किये । मुकेश मिश्रा की सक्रियता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दिव्यांग प्रकोष्ठ अवध क्षेत्र का संयोजक नियुक्त किया। इसके बाद उन्होंने हजारों दिव्यांगजनों को सहायता उपकरण दिलवाकर उनकी जिंदगी को आसान बनाने में अपना सहयोग दिया। आज लखनऊ में मुकेश मिश्रा किसी पहचान के मोहताज नहीं है अब तक उन्हें तकरीबन 300 से ज्यादा सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। 

 राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने के बाद मुकेश मिश्रा ने कहा यह पुरस्कार उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था जो आज उत्तर प्रदेश सरकार के सब मुख्यमंत्री योगी जी ने पूरा किया। आज उत्तर प्रदेश के 11 लाख से अधिक दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा स्रोत बने मुकेश मिश्रा ने कहा कि उनकी  दृढ़ इच्छा शक्ति के पीछे उनकी माता स्वर्गीय कमलेश मिश्रा वह उनके पिता राकेश मिश्रा के संस्कार थे। साथ ही उनकी पत्नी  चंद्रा मिश्रा का प्रोत्साहन भी बहुत महत्वपूर्ण था। कृष्ण और उज्जवल दो बेटों के पिता मुकेश मिश्रा आज लाखों युवाओं व दिव्यांग जनों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। मुकेश मिश्रा ने कहा कि दिव्यांग जनों के लिए शिक्षा और रोजगार बहुत ही महत्वपूर्ण है। एक शिक्षित दिव्यांग समाज की सच्ची सेवा कर सकता है।

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