ग्राम पंचायत विकास योजना/ जीपीडीपी के संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

                    अजय कुमार गुप्ता / हमीरपुर                     

हमीरपुर| 27 सितंबर 2024

 वर्ष 2025-26 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना / वार्षिक कार्ययोजना बनाये जाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी घनश्याम मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई ।बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी ग्राम पंचायते खुली बैठक आयोजित कर ग्राम  पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना बनाकर उसकी सूचना उपलब्ध करायी जाय। कहा कि जीपीडीपी की कार्ययोजना बनाए जाने हेतु सभी संबंधित विभागों के क्षेत्रीय/ ग्राम स्तरीय कर्मचारी अनिवार्य रूप से जीपीडीपी की बैठक में सम्मिलित होकर अपनी कार्ययोजना देंगे इसमें कोई लापरवाही न बरतें। कार्य योजना को समय से बनाकर उसको पोर्टल पर अपलोड करें। 


कहा कि जीपीडीपी की कार्ययोजना बनाकर उसको ग्राम पंचायत की खुली बैठक में अनिवार्य रूप से सुनाया जाए। ग्राम पंचायतों के विकास हेतु कार्य योजना पारदर्शी ढंग से बनाई जाए तथा सभी संबंधित विभाग प्रत्येक गांव में अपने नोडल अधिकारी नामित कर दे । 

जिलाधिकारी ने कहा कि जीपीडीपी की कार्ययोजना बनाए जाने हेतु शासन स्तर से जो निर्देश दिए गए है उनको प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। 

 ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) गांव के समग्र विकास के लिए वार्षिक कार्य योजना होती है जिसमें सभी विभागो द्वारा उस वर्ष किये जाने वाले कार्य की  कार्ययोजना बनाकर  ग्राम पंचायत की खुली बैठक में अनुमोदित कराया जाता है।

 जीपीडीपी की वर्ष 2022-23 के कार्ययोजना  02 अक्टूबर से 31 जनवरी केे मध्य बनेगी। इसमें,स्थानीय आवश्यकता के अनुसार  प्रत्येक ग्राम पंचायत की संरचनात्मक आर्थिक एवं मानव विकास के सूचकांकों के आधार पर पाए गए  क्रिटिकल गैप के आधार पर वार्षिक कार्य योजना बनाई जाएगी।कार्ययोजना में सामाजिक विषयों से संबंधित कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए इसके अलावा बुनियादी सुविधाओं संरचनाओं को विकसित करने सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्ति पर आधारित गांव की जरूरत के अनुसार कार्य योजना बनाई जाए|जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतो में डोर टू डोर  कूड़ा कलेक्ट किया जाए तथा गांव में ठोस अपशिष्ट का समुचितढंग से प्रबंधन किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों  को मॉडल के रूप में विकसित किया जाए तथा वहां पर लाइब्रेरी, शत प्रतिशत घरों में नल से जल की आपूर्ति, सामूहिक काऊशेड, गोबर गैस संयंत्र ,समाज के कमजोर वर्गों को 100% जनकल्याणकारी योजनाओं से अच्छादन हो तथा सभी सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे व क्रियाशील हो।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी चंद्रशेखर शुक्ला, अपर जिलाधिकारी न्यायिक डॉ नागेंद्र नाथ यादव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, सीएमओ डॉ गीतम सिंह, पीडी साधना दीक्षित, समस्त खंड विकास अधिकारी , डीपीआरओ जितेंद्र कुमार मिश्र अन्य संबंधित मौजूद रहे।

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