पीडब्ल्यूएस शिक्षालय में शिलालेख की व्यवस्था जारी
एडवोकेट आर0 के0 पाण्डेय / प्रयागराज
🏵️ निर्माण के साथ उद्घाटन व संचालन की तैयारी जोरों पर।
परमशक्ति धाम, अयोध्या। 1 ईंट 1 रुपए के जन सहयोग से परमशक्ति धाम, अयोध्या विकास क्षेत्र में निर्माणाधीन पीडब्ल्यूएस शिक्षालय के निर्माण की गति को तेज करने के साथ समय से इसके निर्माण को पूरा करने व समय से उद्घाटन एवं संचालन की तैयारी जोरों पर है और इसी कड़ी में पीडब्ल्यूएस शिक्षालय में शिलालेख की व्यवस्था आज जारी कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूएस शिक्षालय में शिलालेख की व्यवस्था के संदर्भ में बताते हुए पीडब्ल्यूएस प्रमुख तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि पीडब्ल्यूएस शिक्षालय से जुडे़ इसके सभी सदस्य इसके सर्वकालिक शत प्रतिशत पंजीकृत सम्मानित सदस्य बने रहेंगे परंतु विशेष योगदान को सर्वकालिक स्मरणीय बनाने के लिए शिलालेख हेतु विशेष योगदानकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है। आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि शिलालेख हेतु विशेष योगदानकर्ताओं से नाम, पता, योगदान विवरण आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूएस शिक्षालय में सफेद संगमरमर के पत्थर पर कुल तीन कैटेगरी वाले नाम, पता, दान लिखवाने हेतु केवल हिन्दी में अपना नाम, पता, पूरा सहभागिता योगदान लिखकर 9450505025 पर 1 अक्टूबर 2024 तक भेजना है। शिलालेखन व्यवस्था के अनुसार कक्ष के अंदर शिलालेख हेतु ₹ 5101/- व उससे अधिक तथा 20999/- तक वाले सम्मिलित रहेंगे जबकि परिसर में स्पेशल शिलालेख हेतु ₹ 51000/- व उससे अधिक तथा 124999/- तक वाले सम्मिलित रहेंगे तथा पीडब्ल्यूएस शैक्षिक शौर्य महाक्रांति स्तंभ हेतु ₹ 125000/- व उससे अधिक सभी तथा सभी आजीवन ट्रस्टी मेंबर सम्मिलित रहेंगे। उन्होंने बताया कि ₹ 21000/- व उससे अधिक वाले यदि चाहें तो शिक्षालय या देवालय में अपना, अपने माता - पिता या पूर्वजों के नाम से स्वयं सफेद संगमरमर के पत्थर पर नाम, पता, योगदान लिखवाकर अलग से लगवा सकते हैं परंतु ऐसे शिलालेख आगामी पावन महापर्व विजय दशमी तक अयोध्या पहुंच जाने चाहिए ताकि उन्हें समय से लगवा दिया जाए। यह भी बताया गया कि फिनिशिंग, रंगाई - पुताई के बाद शिलालेख लगवाना संभव नहीं होगा।

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