नवरात्रि के प्रथम दिन मंन्दिरों में उमड़ी भीड़ घरों में व मंन्दिरों में गूजे मां के जय कारें

                         जी0 के0 खरे / लखनऊ                         

          शंख नगारों की ध्वनि और मां के जयकारों ने           

                 मां भक्तों को भक्ति विभोर कर दिया                 

लखनऊ -नगर में कल चैत्र नवरात्र व विक्रमी नवसंवत्सर/ हिंदी नववर्ष के अवसर पर नगर के विभिन्न मंदिरों जिनमें शास्त्री नगर स्थित दुर्गा मंन्दिर, चन्द्रिका देवी मंदिर, चौंक स्थित आन्दीमाता मंन्दिर, काली मंदिर नवर्दैवश्वर मंन्दिर संदोहन मंन्दिर, संतोषी माता मंदिर, पूर्वी देवी मंदिर सहित अन्य छोटे व बड़े में प्रातः से मातारानी के दर्शन हेतु महिलाओं व पुरुषों एंव बच्चों की भीड़ उमड़ पड़ी भक्त गण घंन्टे घड़ियाल बजाकर मां के जय जयकारे लगा रहे थे, नीचे दूकानों व कार्यालयों व घरों में लोग एक-दूसरे को नव वर्ष की शुभकामनाएं दे रहे थे। प्रथम दिन लोगों ने शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना कर पूजन पाठ किया तथा प्रसाद वितरण हुआ।


मंन्दिरों के पास सुरक्षा की दृष्टि से भारी संख्या में पुलिस फोर्स लगाया गया तथा चौराहों के आसपास यातायात पुलिस के सिपाही भी लगाये गये थे। नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है इन्हें शैलपुत्री इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह पर्वत राज हिमालय के पुत्र हैं। इसी प्रकार से आज दूसरे दिन मां के भक्तों द्वारा मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आराधना की जा रही है और कल की ही बात आज भी मंदिरों में भक्तों का ताता लगा है कुछ लोग प्रथम एवं अष्टमी के दिन ही व्रत रहकर संपूर्ण 9 दिन पूजन भक्ति इत्यादि करते हैं जबकि अधिकतर लोग पूरी नवरात्रि उपवास रखकर अल्पाहार करते हैं उसमें भी कुछ लोग केवल लौंग खाकर और पानी पीकर माता की श्रद्धा और भक्ति में पूरा 9 दिन गुजार देते हैं।

ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा के ब्रह्मचारी रूप की पूजा करने से सभी कासन का निवारण होता है और भविष्य में आने वाली परेशानियों का हाल भी निकल जाता है जिससे भक्तगण कष्ट दी स्थित से बच जाते हैं और सदमार्ग पर चलते हुए सुखी जीवन व्यतीत करते हैं। इस अवसर पर मंदिर में उपस्थित भक्त गणों ने हमारे जिला उप संपादक एवं प्रतिनिधि जी0 के0 खरे को बताया कि गत वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष भी पूजा सामग्री से लेकर अन्य खाद्य सामग्री फल आदि भी काफी महंगे रहे जिनकी कीमतें आसमान छू रही थी नारियल,कूट्टू व सिंघाड़े का आटा, साबुदाना, केला सेव व मखाने के दामों में काफी तेजी देखी गई, रात्रि में मंन्दिरों को रंग बिरंगी बल्बों की रोशनी से सजाया गया जो भक्तों के आर्कषण का‌ केंन्द रहा। मुख्य मार्गों पर प्रदेश सरकार द्वारा मांस बिक्री पर रोक लगाने से भी भक्तों को काफी राहत मिली है।


Comments

Popular posts from this blog

राजकीय आईटीआई पांडु नगर में 8 अक्टूबर को लगेगा एकदिवसीय अप्रेंटिसशिप रोजगार मेला

जल निगम के पेंशनर्स की पेंशन को लेकर श्रम प्रकोष्ठ के संयोजक को ज्ञापन सौंपा

कमीशन वृद्धि और बकाया भुगतान के लिये गरजे कोटेदार