बाल्यावस्था में खेल आधारित शिक्षा के दूसरे दिन का प्रशिक्षण।
🔴 🟡 अजय कुमार गुप्ता 🟡 🔴
मौदहा (हमीरपुर)। प्रारंभिक बाल्यावस्था की देखभाल एवं शिक्षा के राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास का प्रशिक्षण दिया गया।
कस्बे के ब्लॉक सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में बाल विकास परियोजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय पाठ्यक्रम 2025 के तहत “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करना है, ताकि बच्चों का बौद्धिक विकास हो सके और वे पढ़ाई को बोझ न समझें।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि खेल आधारित शिक्षा के माध्यम से बच्चों में एकाग्रता, रचनात्मकता, आत्म-अभिव्यक्ति, जागरूकता तथा शब्दावली का विकास किया जा सकता है।
इस दौरान 3 से 4 वर्ष के बच्चों को चित्रकला के माध्यम से, 4 से 5 वर्ष के बच्चों को कहानियों के माध्यम से तथा 5 से 6 वर्ष के बच्चों को अक्षर ज्ञान खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से देने पर विशेष बल दिया गया।


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